दिल कि शिकायत है के याद करते है लोग हमें सिर्फ तब जब होते है सितारे उनके गर्दिश में.
दिमाग कि दिल को नसिह्त है, " अरे कम्बख्त शुक्र कर गर्दिश में हि सही याद तो करते है तुम्हे!.... गर्दिश के हटतेही उनकी यादभी मिट जायेगी... अगली गर्दिश तक कमसे कम मुझे तो सुकून रहेगा!"
दिमाग कि दिल को नसिह्त है, " अरे कम्बख्त शुक्र कर गर्दिश में हि सही याद तो करते है तुम्हे!.... गर्दिश के हटतेही उनकी यादभी मिट जायेगी... अगली गर्दिश तक कमसे कम मुझे तो सुकून रहेगा!"