Oct 19, 2010

ऐसाभी एक दिन ...

कुछ लिखने की ख्वाइश में पहुचे यहाँ तक... जो पहुंचे यहां पर तो नम हो गए.
जो सोचा था दिल ने जुबांको न भाया. तमन्नाए दिल की  दफ़न कर चले....

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